Tuesday, January 6, 2026

मुरादाबाद में SIR 2026 में 3.87 लाख वोट कटे: विधानसभा वार डिटेल, अपना नाम कैसे चेक करें और नाम कटने पर क्या करें

 


उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। मुरादाबाद जिले में कुल 3.87 लाख (3,87,628) वोटरों के नाम कटे हैं, जो जिले की कुल मतदाता संख्या 24.59 लाख का करीब 15.76% है। यह आंकड़े राज्य स्तर पर 2.89 करोड़ नाम हटाने के ट्रेंड का हिस्सा हैं, जहां लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे।

 

राजनीतिक दलों में इस पर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। जहां 2022 चुनाव में जीत का अंतर सबसे कम था, वहां सबसे ज्यादा वोट कटे हैं। आइए जानते हैं विधानसभा वार डिटेल, नाम चेक करने का तरीका और अगर नाम कट गया तो क्या करें।

SIR 2026 क्या है और क्यों कटे इतने वोट?

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा हर साल मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए समरी रिवीजन किया जाता है। 2026 के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में अनुपस्थित (Absent), शिफ्टेड (Shifted), डुप्लीकेट (Duplicate) और मृतक (Dead) वोटरों को ASD कैटेगरी में रखकर हटाया गया।

मुरादाबाद में:

  • कुल हटाए गए नाम: 3,87,628
  • मृतक वोटर: 73,000 (जिनके निधन के बाद भी नाम सूची में थे)
  • मैपिंग न हो पाने वाले: 2.10 लाख (गणना फॉर्म में साक्ष्य न देने पर)
  • SIR का अंतिम चरण: ASD पर फोकस रहा
  • दावे और आपत्तियां: 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक ली गईं, निस्तारण 21 फरवरी तक
  • अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 28 फरवरी 2026

यह प्रक्रिया 2027 चुनाव के लिए साफ-सुथरी वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने के लिए है, लेकिन विपक्षी दल इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।

 

विधानसभा वार वोट कटने का डिटेल

मुरादाबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों पर कुल जीत का अंतर 1.71 लाख वोट था, लेकिन कटे नाम इससे दोगुने से ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा नाम मुरादाबाद नगर से कटे, जहां 2022 में भाजपा की जीत सिर्फ 782 वोट से हुई थी।

यहां विधानसभा वार टेबल:

विधानसभा क्षेत्र

विजयी दल (2022)

हारे दल

जीत का अंतर (वोट)

कटे वोटरों की संख्या

मुरादाबाद नगर

भाजपा

सपा

782

1,12,338

मुरादाबाद देहात

सपा

भाजपा

56,820

90,937

बिलारी

सपा

भाजपा

7,610

49,564

ठाकुरद्वारा

सपा

भाजपा

19,684

43,667

कांठ

सपा

भाजपा

43,178

49,803

कुंदरकी

सपा

भाजपा

43,162

41,302

 

अपना नाम वोटर लिस्ट में कैसे चेक करें?

अगर आप मुरादाबाद के वोटर हैं, तो अपना नाम चेक करने के कई आसान तरीके हैं। SIR 2026 ड्राफ्ट रोल जारी हो चुका है, इसलिए जल्दी जांच लें:

1.  ऑनलाइन सर्च (ECI पोर्टल):

·        वेबसाइट: electoralsearch.eci.gov.in या voters.eci.gov.in

·        नाम, EPIC नंबर (वोटर आईडी), मोबाइल नंबर या पता से सर्च करें।

·        स्टेप: होमपेज पर "Search Your Name in Electoral Roll" क्लिक करें, डिटेल भरें और CAPTCHA डालें।

2.  CEO उत्तर प्रदेश वेबसाइट:

·        ceouttarpradesh.nic.in

·        "Electoral Roll" सेक्शन में जाकर ड्राफ्ट रोल डाउनलोड करें।

3.  मुरादाबाद जिला वेबसाइट:

·        moradabad.nic.in/special-intensive-revision-sir/

·        अपनी विधानसभा (जैसे 25-कांठ, 26-ठाकुरद्वारा) चुनकर PDF डाउनलोड करें और नाम सर्च करें।

 

4.  ऑफलाइन तरीका:

·        नजदीकी ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) या तहसील ऑफिस में जाकर चेक करें।

·        हेल्पलाइन: 1950 डायल करें।

अगर नाम नहीं मिलता, तो घबराएं नहीं - SIR अभी चल रहा है, आप दावा कर सकते हैं।

नाम कटने पर क्या करें? स्टेप बाय स्टेप गाइड

अगर आपका नाम गलती से कट गया है (जैसे ASD कैटेगरी में डाल दिया गया), तो 30 जनवरी 2026 तक दावा दाखिल करें। यहां प्रोसेस:

1.  फॉर्म 6 भरें (नई रजिस्ट्रेशन/इनक्लूजन के लिए):

·        अगर नाम पूरी तरह हटा दिया गया, तो Form 6 से नया नाम जुड़वाएं।

·        ऑनलाइन: NVSP पोर्टल nvsp.in या voters.eci.gov.in पर लॉगिन करें।

·        स्टेप: "Form 6 - New Voter Registration" चुनें, डिटेल भरें (नाम, पता, ID प्रूफ), सबमिट करें।

·        ऑफलाइन: BLO या तहसील से फॉर्म लें और जमा करें।

2.  फॉर्म 8 भरें (करेक्शन/ऑब्जेक्शन के लिए):

·        अगर नाम ASD में है लेकिन आप मौजूद हैं, तो Form 8 से करेक्शन कराएं।

·        प्रूफ: आधार, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि लगाएं।

·        ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध।

3.  आपत्ति दाखिल करें:

·        अगर ड्राफ्ट में नाम गलत तरीके से हटाया गया, तो 30 जनवरी तक आपत्ति दर्ज कराएं।

·        हेल्पलाइन या BLO से संपर्क करें।

4.  ट्रैकिंग:

·        सबमिशन के बाद ट्रैकिंग ID से स्टेटस चेक करें।

·        अगर रिजेक्ट होता है, तो अपील करें (Electoral Registration Officer से)।

ध्यान दें: 18 साल पूरे होने पर नए वोटर Form 6 से अप्लाई करें। मृतक या शिफ्टेड नाम हटाने के लिए Form 7 यूज करें।

 


Saturday, October 4, 2025

ज़ुबिन गार्ग की रहस्यमयी मौत: एक सांस्कृतिक आइकन की असामयिक विदाई


असम के संगीत जगत के सुपरस्टार, गायक, संगीतकार और अभिनेता ज़ुबिन गार्ग की मौत ने न सिर्फ़ असम बल्कि पूरे भारत को स्तब्ध कर दिया है। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई इस घटना को शुरू में एक सामान्य डूबने का हादसा बताया गया, लेकिन अब यह एक बड़ा रहस्य बन चुका है। बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी के चौंकाने वाले बयान के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और इवेंट ऑर्गनाइजर श्यामकानु महंत को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में विशेष जांच की याचिका दायर हो चुकी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने वादा किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। आइए, इस घटना की गहराई में उतरें और जानें ज़ुबिन कौन थे, उनके हिट गाने क्या थे, और उनकी मौत का रहस्य क्या है।

ज़ुबिन गार्ग: असम का संगीत सम्राट

ज़ुबिन गार्ग (जन्म: 18 नवंबर 1972, तुरा, मेघालय – मृत्यु: 19 सितंबर 2025, सिंगापुर) असम के सबसे प्रभावशाली कलाकार थे। एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे ज़ुबिन ने मात्र तीन साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया था। उनके पिता मोहिनी मोहन बर्थाकुर एक कवि थे, जबकि मां इल्ली बर्थाकुर नृत्य, अभिनय और गायन में सक्रिय थीं। छोटी बहन जॉन्की बर्थाकुर भी गायिका थीं, लेकिन 2002 में एक कार दुर्घटना में उनकी मौत हो गई, जिसके बाद ज़ुबिन ने अपनी बहन को समर्पित एल्बम Xixu जारी किया।

ज़ुबिन एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे – वे गायक, संगीतकार, गीतकार, वाद्ययंत्र वादक (12 वाद्ययंत्र बजाते थे), अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने 33 साल के करियर में 40,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो 40 से ज्यादा भाषाओं में थे। असम में वे सबसे अधिक कमाई करने वाले गायक थे और उनकी आवाज़ ने लाखों दिलों को छुआ। 2021 में असमिया फिल्म Bride By Chance के गाने "Tomar Khola Hawa" के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला।

उन्होंने असमिया सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी फिल्म Mission China पहली असमिया फिल्म बनी जो 6 करोड़ का कारोबार कर गई, जबकि Kanchanjangha ने 7 करोड़ कमाए। ज़ुबिन सामाजिक मुद्दों पर भी मुखर थे – वे नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शनों में गाते थे और असम की सांस्कृतिक पहचान के लिए लड़ते थे। उनकी मौत के बाद असम में चार दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया, और लाखों प्रशंसक गुवाहाटी में उनके अंतिम संस्कार में जुटे।हिट गाने: जो अमर हो गएज़ुबिन की आवाज़ में एक जादू था – भावुक, ऊर्जावान और सांस्कृतिक। उन्होंने असमिया लोकगीतों से लेकर बॉलीवुड हिट्स तक सब कुछ गाया।

यहां उनके कुछ प्रमुख हिट गाने हैं:असमिया हिट्स (जो असम की आत्मा हैं):

  • O Mor Aponar Desh: असम का देशभक्ति गीत, जो ज़ुबिन की आवाज़ में नई जान फूंकता है।
  • Mon Jai: दिल को छूने वाला रोमांटिक नंबर, जो ज़ुबिन की संगीत रचना भी है।
  • Kajol Lota: एनर्जेटिक ट्रैक, जो युवाओं का फेवरेट है।
  • Anuradha: भावुक लव सॉन्ग।
  • Soklong: लोकगीत से प्रेरित, जो शादी-ब्याह में बजता है।
  • Endhar: क्लासिक असमिया मेलोडी।

बॉलीवुड और अन्य भाषा हिट्स:

  • Ya Ali (फिल्म: Gangster, 2006): यह गाना ज़ुबिन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला साबित हुआ। प्रीतम के संगीत में यह सूफी-रॉक फ्यूजन आज भी लाखों को बांधे रखता है। 2006 में ग्लोबल इंडियन फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार जीता।
  • Jaane Kya Chahe Mann Bawra (फिल्म: Pyaar Ke Side Effects, 2006): भावनाओं का तूफान।
  • Jag Lal Lal Lal (फिल्म: Big Brother, 2007): उस्ताद सुल्तान खान के साथ कोलैबोरेशन।

ज़ुबिन ने बंगाली, हिंदी, अंग्रेजी और यहां तक कि इंग्लिश ट्रैक Flight of the Fantasy (जॉई बरुआ के साथ) भी गाया, जो ग्रैमी डिज़र्विंग माना जाता है। उनके गाने प्यार, शांति, एकता और लोक परंपराओं पर आधारित थे।

मौत का रहस्य: हादसा या साजिश?

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजरस द्वीप के पास स्विमिंग के दौरान ज़ुबिन बेहोश होकर पानी में तैरते मिले। सिंगापुर पुलिस ने उन्हें बचाया और सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन दोपहर 2:30 बजे उनकी मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इसे स्कूबा डाइविंग एक्सीडेंट बताया गया, लेकिन पत्नी गरिमा साइकिया गार्ग ने खारिज किया – उन्होंने कहा कि ज़ुबिन को दौरा पड़ा था। सिंगापुर का डेथ सर्टिफिकेट डूबने को कारण बताता है।

लेकिन असम में संदेह की लहर दौड़ गई। ज़ुबिन बचपन से तैराक थे और असम के लोग आमतौर पर अच्छे स्विमर होते हैं – डूबना असंभव लगता था। उनकी बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी (जो अब गिरफ्तार हैं) ने चौंकाने वाला बयान दिया: "मौत डूबने से नहीं, बल्कि जहर देने से हुई।

मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और इवेंट ऑर्गनाइजर श्यामकानु महंत ने यॉट पर ज़ुबिन के ड्रिंक्स में कुछ मिलाया, जिससे उनके मुंह से झाग निकला।" शेखर ने ईर्ष्या और लालच को कारण बताया।

ज़ुबिन सिंगापुर में 20-21 सितंबर को होने वाले नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए गए थे, जहां वे कल्चरल ब्रैंड एंबेसडर थे। मृत्यु से एक दिन पहले उन्होंने वीडियो शेयर किया था, जिसमें वे उत्साहित दिख रहे थे। उनके बैग में फार्मास्यूटिकल ड्रग्स मिले, जो जांच का विषय बने।

असम सरकार ने दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें डूबने की पुष्टि हुई, लेकिन संदेह बरकरार रहा। मुख्यमंत्री सरमा ने एसआईटी गठित की, और 2 अक्टूबर को पुलिस ने शर्मा और महंत के खिलाफ हत्या (BNS सेक्शन 103), आपराधिक साजिश और लापरवाही का केस दर्ज किया। दोनों को दिल्ली एयरपोर्ट और गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया। शेखर ज्योति और अमृतप्रभा महंत (दूसरे बैंडमेम्बर) भी हिरासत में हैं।

परिवार ने सीआईडी में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें इन दोनों को मुख्य आरोपी बताया। सुप्रीम कोर्ट में विशेष जांच की याचिका दायर हुई है। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की, जबकि बीजेपी ने वादा किया कि 2026 चुनाव में अगर न्याय न मिला तो वोट न दें। सिंगापुर पुलिस ने फाउल प्ले से इंकार किया, लेकिन असम पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और टाइमलाइन की जांच कर रही है।

सेलिब्रिटी मौतों का पैटर्न: ईर्ष्या और लालच?

सेलिब्रिटी मौतें अक्सर रहस्यमयी होती हैं, जहां ईर्ष्या, पैसा या पावर प्रमुख कारण बनते हैं। ज़ुबिन की मौत ने इस पैटर्न को दोहराया – वे असम के 'रॉकस्टार' थे, जिनकी कमाई और लोकप्रियता पर कई आंखें थीं। सिद्धार्थ शर्मा 2014 से उनके मैनेजर थे और Zubeen Garg Music LLP के पार्टनर। श्यामकानु महंत फेस्टिवल के चीफ ऑर्गनाइजर थे। जांच में पार्टी डिटेल्स और 9 लोगों की लिस्ट सामने आई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, अमित शाह ने शोक व्यक्त असम में हिंदू-मुस्लिम एकता दिखी – ज़ुबिन सबके थे।

उम्मीद की किरण: न्याय मिलेगा?

ज़ुबिन की मौत ने असम को झकझोरा है। गुवाहाटी में उनके घर पर भीड़ ने पत्थरबाजी की, पुलिस वाहनों पर हमला हुआ। लेकिन उनकी विरासत अमर है – गाने जो पीढ़ियों को जोड़ेंगे। एसआईटी जांच जारी है, और सिंगापुर से रिपोर्ट्स आने वाली हैं। उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी, और असम का 'काका' न्याय पाएगा।


 

मुरादाबाद में SIR 2026 में 3.87 लाख वोट कटे: विधानसभा वार डिटेल, अपना नाम कैसे चेक करें और नाम कटने पर क्या करें

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