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Showing posts from April, 2025

पहलगाम आतंकी हमला: भारत-पाकिस्तान संबंध, दक्षिण एशिया की परिस्थितियां, और वैश्विक शक्तियों का दबाव

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत और पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, और तीन सर्विंग सैन्य अधिकारी भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने ली, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा मानती हैं। इसके जवाब में भारत सरकार ने कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना, भारत में पाकिस्तानी दूतावास बंद करना, और अटारी-वाघा बॉर्डर चेकपोस्ट को बंद करना शामिल है। इन फैसलों ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को न केवल न्यूनतम स्तर पर ला दिया है, बल्कि दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों को भी जटिल कर दिया है। इस लेख में हम इस घटना के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों, दक्षिण एशिया की उभरती परिस्थितियों, और वैश्विक शक्तियों (विशेष रूप से अमेरिका और चीन) के संयम के दबाव के संदर्भ में वर्तमान और भविष्य के परिदृश्य का विश्लेषण करेंगे। भारत-पाकिस्तान संबंध: एक नया निचला स्तर पहलगाम हमले ने भा...

करणी सेना का उग्र प्रदर्शन: उत्तर प्रदेश में जातीय संघर्ष, सरकार और विपक्ष की भूमिका का विश्लेषण

  जय प्रकाश उत्तर प्रदेश , भारत का सबसे अधिक आबादी वाला और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य , हाल के वर्षों में सामाजिक और जातीय तनावों का केंद्र बनता जा रहा है। करणी सेना , जो स्वयं को राजपूत समुदाय के हितों का रक्षक बताती है , के हालिया उग्र प्रदर्शनों ने इस तनाव को और गहरा किया है। इन प्रदर्शनों ने न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं , बल्कि यह भी चर्चा छेड़ दी है कि क्या सरकार की मूक सहमति और विपक्ष की रणनीति नए जातीय संघर्ष को जन्म दे रही है। यह लेख करणी सेना के प्रदर्शनों , सरकार और विपक्ष की भूमिका , सामाजिक ताने-बाने पर इसके प्रभाव और जिम्मेदारी के सवाल का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। करणी सेना का उग्र प्रदर्शन: पृष्ठभूमि और संदर्भ करणी सेना , जिसकी स्थापना 2006 में राजस्थान में लोकेंद्र सिंह कालवी ने की थी , शुरू में राजपूत समुदाय के लिए आरक्षण और ऐतिहासिक आंकड़ों के सम्मान की मांग को लेकर सामने आई थी। समय के साथ , यह संगठन विभिन्न विवादों , खासकर फिल्मों जैसे पद्मावत और जोधा-अकबर के विरोध , और सामाजिक मुद्दों पर आक्रामक रुख के लिए चर्चा...